
Purushottam Purnima 2026: हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है। इस मास में आने वाली पूर्णिमा को पुरुषोत्तम पूर्णिमा या अधिक मास पूर्णिमा कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा 2026 कब है?
वर्ष 2026 में पुरुषोत्तम मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 30 मई और 31 मई के बीच पड़ रही है, इसलिए अलग-अलग पंचांगों में व्रत और स्नान-दान की तिथि में अंतर देखने को मिल सकता है। अधिकांश स्थानों पर 31 मई 2026 को पुरुषोत्तम पूर्णिमा मनाई जाएगी।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा का महत्व
पुरुषोत्तम मास को स्वयं भगवान विष्णु ने अपना नाम प्रदान किया था। इसलिए इस मास की पूर्णिमा का महत्व सामान्य पूर्णिमा से कहीं अधिक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन:
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है।
- पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
- आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर क्या करें?

1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें
सुबह जल्दी उठकर गंगा जल युक्त जल से स्नान करें। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
3. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
इस दिन विष्णु सहस्रनाम, गीता या श्रीमद्भागवत का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
4. चंद्रमा को अर्घ्य दें
रात्रि में चंद्रमा के दर्शन कर दूध मिश्रित जल से अर्घ्य अर्पित करें।
5. दान-पुण्य करें

गरीबों को भोजन, वस्त्र, अन्न, फल और धन का दान करें।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा के विशेष उपाय
धन प्राप्ति के लिए उपाय
पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और श्रीसूक्त का पाठ करें।
नौकरी और व्यापार में सफलता के लिए
भगवान विष्णु को पीले चंदन और पीले फूल अर्पित करें तथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
घर में सुख-शांति के लिए
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर सात परिक्रमा करें।
पितृ दोष शांति के लिए
पितरों के नाम से जल अर्पित करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
आर्थिक उन्नति के लिए
माता लक्ष्मी के चरणों में पीली कौड़ियां रखकर पूजा करें और अगले दिन उन्हें तिजोरी में स्थापित कर दें।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर क्या नहीं करना चाहिए?
- किसी का अपमान न करें।
- क्रोध और विवाद से बचें।
- नशा और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- झूठ बोलने से बचें।
- किसी जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं।
पुरुषोत्तम पूर्णिमा पूजा विधि
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- दीपक और धूप जलाएं।
- तुलसी दल अर्पित करें।
- विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्र का जाप करें।
- आरती करें।
- दान-पुण्य करें।
निष्कर्ष
पुरुषोत्तम पूर्णिमा वर्ष 2026 की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक तिथियों में से एक है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। यदि श्रद्धापूर्वक पूजा, व्रत, दान और मंत्र जाप किया जाए तो जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान प्राप्त हो सकता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
जय श्री हरि विष्णु।
Q1. पुरुषोत्तम पूर्णिमा 2026 कब है?
अधिकांश पंचांगों के अनुसार 31 मई 2026 को पुरुषोत्तम पूर्णिमा मनाई जाएगी।
Q2. पुरुषोत्तम पूर्णिमा किस देवता को समर्पित है?
यह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित मानी जाती है।
Q3. पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप अत्यंत शुभ माना जाता है।
Q4. पूर्णिमा पर कौन सा दान श्रेष्ठ माना जाता है?
अन्न, वस्त्र, फल, जल और धन का दान विशेष फलदायी माना जाता है।
Q5. क्या पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा कर सकते हैं?
हाँ, इस दिन सत्यनारायण कथा और विष्णु पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है।
For More Such Amazing Content Please Visit : https://dailykhabrein.com

















