• Home
  • Latest News
  • पुरुषोत्तम मास की कथा: क्यों माना जाता है इसे सबसे पवित्र महीना?
Image

पुरुषोत्तम मास की कथा: क्यों माना जाता है इसे सबसे पवित्र महीना?

पुरुषोत्तम मास

4

पुरुषोत्तम मास क्या है?

हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पवित्र और फलदायी महीना माना जाता है। इसे अधिक मास भी कहा जाता है। यह लगभग हर 3 साल में एक बार आता है। इस महीने में भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यता है कि इस महीने में किए गए दान, पूजा, व्रत और कथा सुनने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

पुरुषोत्तम मास को “भगवान का प्रिय महीना” भी कहा जाता है क्योंकि स्वयं भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर “पुरुषोत्तम मास” बनाया था।

पुरुषोत्तम मास की पौराणिक कथा

बहुत समय पहले सभी महीनों के अपने-अपने देवता और महत्व थे, लेकिन एक अतिरिक्त मास ऐसा था जिसे कोई सम्मान नहीं देता था। सभी लोग उसे अशुभ और बेकार समझते थे। उस मास का कोई स्वामी नहीं था, इसलिए उसे “मल मास” कहकर अपमानित किया जाता था।

अपमान से दुखी होकर वह मास भगवान विष्णु के पास गया और बोला—

“हे प्रभु! सभी लोग मेरा तिरस्कार करते हैं। मेरा कोई महत्व नहीं मानता। कृपया मेरी रक्षा करें।”

भगवान विष्णु उस मास की पीड़ा सुनकर द्रवित हो गए। उन्होंने कहा—

“आज से तुम मेरे नाम से जाने जाओगे। मैं तुम्हें अपना श्रेष्ठ नाम ‘पुरुषोत्तम’ देता हूँ।”

इसके बाद भगवान विष्णु ने घोषणा की कि जो भी भक्त पुरुषोत्तम मास में पूजा-पाठ, व्रत, कथा, दान और भक्ति करेगा, उसे कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होगा।

तभी से यह महीना “पुरुषोत्तम मास” कहलाया और हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाने लगा।

पुरुषोत्तम मास का महत्व

7

पुरुषोत्तम मास में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस महीने में:

  • भगवान विष्णु की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • श्रीमद्भागवत और गीता का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • दान-पुण्य करने से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं।
  • व्रत रखने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।
  • गरीबों और संतों की सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

पुरुषोत्तम मास में क्या करना चाहिए?

1. भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा

प्रतिदिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और भोग अर्पित करें।

2. गीता और विष्णु सहस्रनाम का पाठ

इस महीने में धार्मिक ग्रंथों का पाठ बहुत शुभ माना गया है।

3. दान करें

अन्न, वस्त्र, जल, घी, फल और जरूरतमंदों को भोजन दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है।

4. ब्रह्मचर्य और सात्विक जीवन

इस महीने में क्रोध, झूठ, निंदा और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए।

5. कथा और भजन

पुरुषोत्तम मास की कथा सुनना और भगवान के भजन करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।


पुरुषोत्तम मास में क्या नहीं करना चाहिए?

4

  • किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
  • मांसाहार और शराब से दूर रहना चाहिए।
  • झूठ, छल और क्रोध से बचना चाहिए।
  • बिना कारण किसी को दुख नहीं देना चाहिए।
  • तामसिक भोजन का सेवन कम करना चाहिए।

पुरुषोत्तम मास व्रत कथा का फल

मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ पुरुषोत्तम मास की कथा सुनता या पढ़ता है, उसके जीवन के दुख दूर होने लगते हैं। परिवार में सुख-शांति आती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मास में किए गए पुण्य कर्म व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग की ओर ले जाते हैं।

निष्कर्ष

पुरुषोत्तम मास केवल एक धार्मिक महीना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और भगवान से जुड़ने का अवसर है। यह हमें भक्ति, सेवा, दान और अच्छे कर्मों का महत्व सिखाता है। यदि श्रद्धा और सच्चे मन से इस महीने में पूजा-पाठ किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

इसलिए पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की आराधना करें, कथा सुनें, दान करें और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दें।

For More Such Amazing Content Please Visit : https://dailykhabrein.com/

Releated Posts

UGC NET 2026 Result: Big Update on June Session Scorecard

The wait for the UGC NET 2026 result is entering its final stage, with thousands of candidates looking…

ByByYash Kumar Aug 27, 2026

India Inflation Warning: Sugar and Onion Prices Surge as Kitchen Costs Rise

India’s household budgets are facing a fresh test as the prices of some everyday kitchen essentials, particularly sugar…

ByByYash Kumar Aug 25, 2026

Kerala’s 19-Year-Old Law Student Wins Miss Universe India 2026 in Stunning Jaipur Triumph

Introduction At just 19, Kaziah Liz Mejo from Kerala has achieved a remarkable milestone by winning the Miss…

ByByYash Kumar Aug 24, 2026

Major Relief: Crucial AIAPGET 2026 Re-Exam Set for 49 candidates after power failure at Jaipur centre

The National Testing Agency (NTA) has announced a fresh examination opportunity for 49 candidates who could not complete…

ByByYash Kumar Aug 22, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top